royal stag wishkey आखिर फैक्ट्री में बनती कैसे है

दोस्तों हम सभी ने कभी न कभी रॉयल स्टैग विष्की का नाम तो सुना ही होगा क्योकि भारत का ये एक जाना माना ब्रांड है लेकिन क्या आपको पता है की royal stag wishkey आखिर फैक्ट्री में बनती कैसे है तो चलिए आज मई आपको बताऊंगा की ये बनती कैसे है 



रॉयल स्टैग विष्की को बनाया कैसे जाता है 

रॉयल स्टैग विष्की को बनाने के लिए उपयोग किया जाता है उत्तम श्रेणी का 

गेहू ,मक्का जिन्हे सीधे खेतो से लाया जाता है और यही से सुरु हो जाता है रॉयल स्टैग बनने का पहला पराव यहाँ इन गेहू को करीब 12 घंटो तक स्टाइल वाटर में छोड़ दिया जाता है 12  घंटे के बाद ड्रेन करने के बाद 14 घंटो के लिए नए पानी में फिर एक बार रखा जाता है अब बारी आती है गीले अनाज को थोड़ा सुखाने की इस लिए इन् अनाजों को बंद कमरे में कुछ दिनों के लिए छोड़ दिया जाता है करीब 6 दिन बीत जाने के बाद गेहू मक्का को मल्टीन प्रोसेस के लिए आगे भेज दिया जाता है फिर मैल्टिंग में लगाई जाती है धुआँ वाली आग और इस धुआँ को भेज दिया जाता है ग्रेन्स के कंटेनर में ताकि वो अनाज इस धुआँ को सोख ले और विष्की में एक अनोखा स्मोकी स्वाद आ पाए अब फिर दो दिन बाद इस चेम्बर को खोल कर अनाज की क्वालिटी गुणवत्ता को चेक करने के लिए सेम्पल लिया जाता है सेम्पल पास होने के बाद -फिर अब इन् सारे ग्रेन्स को कन्वर्टर से भेज दिया जाता है ग्राइंडर मशीन में पीसने के लिए पिसाई  होने के बाद इसे सराय जाता है अनाज को सराने के लिए इस में मिलाया जाता है हेस्ट का पानी जो बैक्टीरियल एक्शन को तेज कर देता है करीब 2 दिन फर्मेन्टेड हो जाने के बाद बनता है बहुत ही तेज गंध वाला अल्कोहोलिक स्प्रीट जिसे एक यूनिट में लगे नलो से निकाल लिया जाता है वैसे आपको बता दू की रॉयल स्टैग एक स्कॉच विष्की है स्कॉच काम से कम 3 साल तक स्टॉक करने के बाद मार्किट में भेजा गया हो उन्हें स्कॉच विष्कीक] कहते है सिंपल विष्की को स्टोर ना करके डायरेक्ट भेज दिया जाता है | लेकिन रॉयल स्टैग को 3 साल पैक करने के बाद मार्किट में भेजा जाता है 

Post a Comment

0 Comments